पंजाब सरकार ने कोविड -19 महामारी के विरुद्ध लड़ाई के लिए कई पहलकदमियां की- सोनी

पंजाब सरकार ने कोविड -19 महामारी के विरुद्ध लड़ाई के लिए कई पहलकदमियां की- सोनी
राज्य के 3 सरकारी मैडीकल कॉलेजों का कोविड टैस्ट सामथ्र्य 9000 टैस्ट प्रतिदिन बढ़ाया
5 जून तक सरकारी मैडीकल कॉलेजों में पंजाब के कुल 107000 नमूनों में से 85000 नमूनों की की जांच
4 और नयी वायरस टेस्टिंग लेबों की स्थापना जल्द की जाऐगी
चंडीगढ़, 5 जून:
पंजाब के डाक्टरी शिक्षा और अनुसंधान मंत्री श्री ओम प्रकाश सोनी ने आज यहाँ जानकारी देते हुये बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व अधीन पंजाब सरकार ने कोविड -19 महामारी के विरुद्ध लड़ाई के लिए कई पहलिकदमियां की हैं।
श्री सोनी ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से 3 सरकारी मैडीकल कॉलेजों में प्रति दिन 9000 टैस्टों का सामथ्र्य बनाया गया है और टैस्ट की गुणवत्ता को ध्यान में रखने के लिए वाइस चांसलर, बाबा फऱीद यूनीवरसिटी ऑफ हैल्थ सायंसेज़ और 3 मैडीकल कॉलेजों के डाक्टरों के नेतृत्व अधीन एक माहिर ग्रुप बनाया गया है। इसके अलावा गुणवत्ता लेखा पड़ताल के लिए पी.जी.आई., चंडीगढ़ में हर हफ़्ते 5 नमूने भेजे जा रहे हैं। 5 जून तक 3 मैडीकल कॉलेजों में पंजाब में 107000 नमूनों की कुल जांच में से 85000 नमूनों की जांच की गई है।
उन्होंने मैडीकल शिक्षा और अनुसंधान विभाग की तरफ से कोविड -19 की टेस्टिंग और इलाज के लिए उठाये गए कदमों संबंधी जानकारी देते हुये बताया कि विभाग के अधीन 3 सरकारी मैडीकल कॉलेज पंजाब के लोगों को टेस्टिंग सहूलतों के साथ-साथ इलाज की सहूलतें प्रदान कर रहे हैं। टेस्टिंग रणनीति के हिस्से के तौर पर 9 मार्च को सरकारी मैडीकल कालेज पटियाला में कोविड वायरल टेस्टिंग लैब और 10 मार्च को अमृतसर मैडीकल कॉलेज में टेस्टिंग को शुरू किया गया था। 12 अप्रैल को फरीदकोट में भी कोविड वायरल टेस्टिंग लैब का काम शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि हमारे फेकल्टी मैंबर, पैरा -मैडीक, लैब टैकनीशियनों ने इन प्रयोगशालाओं को कम से -कम संभव समय में शुरू करने के लिए बहुत मेहनत की है।
श्री सोनी ने बताया कि 3 मैडीकल कॉलेजों में लेबों की स्थापना के लिए पंजाब कृषि यूनीवरसिटी लुधियाना, गुरू अंगद देव वैटरनरी और एनिमल सायंसेज़ यूनीवरसिटी लुधियाना, आई.आई.टी. रोपड़, गुरू नानक देव यूनीवरसिटी, लवली प्रोफैशनल यूनीवरसिटी से मदद ली गई।
विभाग की भावी रणनीति संबंधी जानकारी देते हुये उन्होंने बताया कि जल्द ही पंजाब में रीजनल डिज़ीज़ डायगनोस्टिक लेबोरेटरी (नॉर्थ ज़ोन) जालंधर, गुरू अंगद देव वैटरनरी और एनिमल सायंसेज़ यूनीवरसिटी लुधियाना, स्टेट फोरेंसिक विज्ञान लैब मोहाली, पंजाब बायोटैक इंकयुबेटर में 4 अन्य नयी वायरस टेस्टिंग लेबों की स्थापना की जायेगी।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की संस्थाएं होने के कारण नयी वायरल टेस्टिंग लैबें शुरू करने के लिए विभाग आईसर, नाबी,नाईपर के संपर्क में है। इसके साथ ही पंजाब सरकार ने वायरल टेस्टिंग लैबें शुरू करने के लिए दयानन्द मैडीकल कालेज और क्रिशचन मैडीकल कालेज, लुधियाना को भी सहायता प्रदान की है। उन्होंने बताया कि अब टेस्टिंग के सामथ्र्य में विस्तार होने से विभाग बीमारी के फैलने और इलाज की बेहतर समझ हासिल करने के लिए कोविड संभाल के लिए और ज्यादा आंकड़े प्रदान करवाने के योग्य होगा।
श्री सोनी ने बताया कि सभी प्रयोगशालाओं, उनके टैस्ट करने वाले साजो-सामान की निगरानी करने के लिए, उपभोग करने योग्य पदार्थों की जरूरत और पूरी सुयोग्यता में सुधार करने के लिए एक आई. टी. प्रणाली विकसित की गई है और डेटा सेहत सेवाएं विभाग पंजाब के साथ-साथ आई.सी.एम.आर के साथ साझा किया जाता है।
राज्य के तीन 3 सरकारी मैडीकल कालेजों के इलाज सामथ्र्य के बारे में जानकारी देते हुये उन्होंने बताया कि इन मैडीकल कालेजों में 1100 आईसोलेशन बैड हैं, जिनमें से 1006 बैड आक्सीजन के साथ हैं और 134 वेंटिलेटर समेत उपलब्ध हैं जोकि सबसे नाजुक मामलों की देखरेख करने के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि डा. के.के. तलवाड़, सलाहकार, स्वास्थ्य और मैडीकल शिक्षा, पंजाब की मदद से स्तर -2, स्तर -3 और विशेष देखभाल और प्रशिक्षण के लिए तीन माहिर ग्रुपों का गठन किया गया है।
स्तर -3 (गंभीर संभाल) और विशेष प्रशिक्षण के लिए माहिर ग्रुप का निर्माण डा. जी. डी. पूरी, डीन पी.जी.आई. चंडीगढ़ की अध्यक्षता अधीन किया गया है। स्तर -2 ग्रुप डा. बिशव मोहन, प्रोफ़ैसर डी.एम.सी. लुधियाना के नेतृत्व अधीन बनाया गया है। पी.जी.आई., एमज़, 3 सरकारी मैडीकल कालेज, डी.एम.सी., सी.एम.सी. के माहिर इन ग्रुपों के मैंबर हैं, जो मरीज़ों को बढिय़ा संभव इलाज प्रदान करने के लिए नियमित तौर पर डाक्टरों को मार्गदर्शन और जानकारी प्रदान कर रहे हैं।
श्री सोनी ने बताया कि राज्य के निजी अस्पताल जोकि ट्रसरी देखभाल की सेवाओं को प्रभावशाली ढंग से लागू करने के लिए 3 सरकारी मैडीकल कालेजों के फेकल्टी द्वारा कोविड अस्पतालों या मल्टी स्पैशलिस्टी अस्पतालों के तौर पर उनकी सुविधाओं और उचितता का मूल्यांकन करने के लिए सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि स्तर -3 की संभाल के लिए हम कोविड के लिए 563 आई.सी.यू. बैड और 133 वैंटीलेटरों की पहचान की है, जिनमें से कुल 2343 आई.सी. यू. बैड और 692 वेंटिलेटर निजी क्षेत्र में हैं। इसके इलावा 3 सरकारी मैडीकल कालेजों और डी.एम.सी. लुधियाना के माहिरों को हर जि़ले के लिए नोडल माहिरों के तौर पर नियुक्त किया गया है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर सीधे तौर पर माहिरों के साथ सलाह-मशवरा कर सकेंगे।
पंजाब के डाक्टरी शिक्षा और अनुसंधान संबंधी मंत्री श्री ओम प्रकाश सोनी ने बताया कि अस्पतालों द्वारा और पद भरने के लिए कोशिशें की गई हैं। सरकार ने कोविड से लडऩे के लिए और पदों को मंज़ूरी दी है। तीन सरकारी मैडीकल कालेजों के लिए प्रयोगशालाओं के लिए कुल 156 पदों और 1822 पदों को कोविड संभाल की आज्ञा दी गई है। मौजूदा फेकल्टी और पैरा मैडिकस आदि की देखभाल के लिए सही प्रोटोकोल को ध्यान में रखते हुए तीनों सरकारी मैडीकल कालेजों में क्वारंटीन सहूलतें प्रदान की गई हैं। सभी डाक्टर, पैरा -मैडिकस और अमला लगातार प्रशिक्षण के साथ नवीन प्रोटोकोलों संबंधी बाकायदा अपडेट किये जाते हैं और वह ऑनलाईन प्रशिक्षण के लिए आई गोट दीक्षा में शामिल हो गए हैं। मरीज़ों की निगरानी करने के लिए एक आई. टी. आधारित प्रणाली विकसित की गई है।

संशोधित किया गया : 06/05/2020 - 19:28
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