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पंजाब सरकार की ओर से एससी/बीसी वर्ग के कर्जदारों का का 52 करोड़ का कर्ज माफ: साधु सिंह धर्मसोत

पंजाब सरकार की ओर से एससी/बीसी वर्ग के कर्जदारों का का 52 करोड़ का कर्ज माफ: साधु सिंह धर्मसोत
चंडीगढ़, 11 अप्रैल
पंजाब के अनुसूचित व पिछड़ी श्रेणियां भलाई मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने कहा की पंजाब सरकार ने अनुसूचित जातियों व पिछड़ी श्रेणियों के कर्जदारों को कर्ज के जंजाल से निकालने का फैसला किया है। इसके अंतर्गत अनुसूचित जातियों के 14260 व पिछड़ी श्रेणियों के 1630 कर्जदारों का 50-50 हजार रुपये तक का कर्ज  माफ किया गया है, जो लगभग 52 करोड़ रुपये  बनता है। 
आज यहां मीडिया कर्मियों से बातचीत  के दौरान धर्मसोत ने बताया की जिन एससी/बीसी कर्जदारों ने पंजाब अनुसूचित जाति भूमि विकास व वित्त कार्पोरेशन (पी.एस.सी.एफ.सी) व पंजाब पिछड़ी श्रेणियां भूमि विकास व वित्त कार्पोरेशन(बैकफिको) से कर्ज लिया, उनका 50-50 हजार रुपये तक का ऋण माफ हो जाएगा।  इनमें डिफाल्टरों व जो भुगतान कर रहे हैं, सब तरह के कर्जदार शामिल हैं। उन्होंने बताया की एससी/बीसी कार्पोरेशन की ओर से यह ऋण दुकान, जनरल स्टोर, रिपेयर, डाक्यूमेंट सेंटर, लक्कड़ के काम आदि आय बढ़ाने वाले धंधे करने के लिए दिए जाते हैं। 
स. धर्मसोत ने बताया की सरकार गरीबों का कुल 125 करोड़ रुपये का ऋण माफ करेगी, जिसकी शुरुआत 52 करोड़ के कर्ज माफी के सर्टिफिकेट बांट कर की जाएगी। उन्होंने बताया की यह सर्टिफिकेट 14 अप्रैल को जालंधर में हो रहे डा. अंबेदकर जयंती समारोह के दौरान मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से वितरित किए जाएंगे। 
उन्होंने बताया की पी.एस.सी.एफ.सी  वर्ष 1971 में जबकि बैकफिको वर्ष 1976 में अस्तित्व में आई थी। उन्होंने बताया की इन दोनों कार्पोरेशनों की ओर से दिए कर्ज को न लौटाने वाले 90 प्रतिशत व लौटाने वाले 10 प्रतिशत हैं, जिस कारण प्रदेश सरकार ने इन वर्गों के कर्ज  माफ करने का फैसला किया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया की चालू  वर्ष 2017-18 दौरान एस.सी कार्पोरेशन की ओर से 317 अनुसूचित जाति नौजवानों को 5.61 करोड़ के ऋण जबकि बी.सी. कार्पोरेशन की ओर से 347 पिछड़ी श्रेणियों से संबंधित नौजवानों के 5.87 करोड़ के ऋण मुहैया करवाए गए हैं। 
कालेजों में छात्रवृतियों की राशि न बांटने के सवाल के जवाब में भलाई मंत्री ने कहा की केंद्र की ओर से आए 115 करोड़ रुपये कालेजों को जारी कर दिए गए हैं, जिसके उपयोगिता सर्टिफिकेट भी केंद्र सरकार को भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया की एससी/बीसी स्कालरशिप स्कीम पूरी तरह से भारत सरकार की ओर से चलाई जाती है, इसकी 1700 करोड़ रुपये की राशि अभी भी केंद्र की तरफ बकाया है व जब भी यह राशि आ गई तो तुरंत जारी कर दी जाएगी। इस राशि के उपयोगिता सर्टिफिकेट देने में देरी के बाबत उन्होंने कहा की आडिट चलने के कारण राशि जारी करने में देरी हो गई, जो कालेज आडिट में सही पाए गए, उनको पूरी राशि जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया की यदि केंद्र सरकार की ओर से छात्रवृतियों की बकाया राशि देने में देरी की गई तो वह केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के आगे एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा की आडिट के दौरान जिन कालेजों के खिलाफ एतराज सामने आए हैं, उनकी राशि जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा की आडिट दौरान 500 करोड़ रुपये की गड़बड़ पाए जाने का संदेह भी प्रकट किया। उन्होंने स्पष्ट किया की आडिट की रिपोर्ट में घपले के दोषी संस्थाओं के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी और उनसे 9 फीसदी ब्याज सहित राशि वापिस ली जाएगी। 
स. धर्मसोत ने आगे कहा की किसानों की कर्जा राहत का वायदा पूरा करने के लिए मुख्य मंत्री तनदेही से यत्न कर रहे हैं। इसके अंतर्गत कल संगरुर में हो रहे समागम दौरान किसानों को कर्जा राहत के सर्टिफिकेट बांटे जाएंगे। बारिश से फसलों के हुए खराबी के सवाल पर उन्होंने कहा की किसानों का हाथ थामना हर सरकार की जिम्मेदारी बनती है व पंजाब सरकार पूरी तनदेही से अपनी इस जिम्मेदारी को निभाएगी। 
इस मौके पर श्री आर. वैंकट रत्नम, प्रमुख सचिव भलाई  विभाग, स. मालविंदर सिंह जग्गी, डायरेक्टर भलाई  विभाग, स. राज बहादुर सिंह, डायरेक्टर, एस.सी. सब-प्लान सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

नंबर: पी.आर.18
 

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