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कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा ५१७८ अध्यापकों और ६५० नर्सों की सेवाएं रैगूलर

कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा ५१७८ अध्यापकों और ६५० नर्सों की सेवाएं रैगूलर
चंडीगढ़, ६ मार्च:
अध्यापक भाईचारे की काफी देर की माँग पूरी करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में मंत्रीमंडल ने शिक्षा विभाग द्वारा भर्ती किये ५१७८ अध्यापकों की सेवाओं को १ अक्तूबर, २०१९ से पूरे वेतन मान के साथ रेगूलर करने की मंजूरी दे दी है। 
मंत्रीमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के परखकाल नियमों के मुताबिक विभाग की ६५० नर्सों की सेवाएं भी रेगूलर कर दीं हैं। ठेके पर भर्ती नर्स प्राथमिक वेतन पर रेगूलर होने के लिए कुछ समय से संघर्ष कर रही थीं।
साल २०१४, २०१५ और २०१६ में शिक्षा विभाग द्वारा भर्ती किये ५१७८ अध्यापकों में से ५०७८ अध्यापक मास्टर कैडर और १०० क्लासिकल एंड वरनैकूलर (सी एंड वी) अध्यापक हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रीमंडल ने फ़ैसला किया है कि साल २०१४, २०१५ और २०१६ के दौरान भर्ती होने वाले अध्यापकों की सेवाएं दो सालों का परखकाल समय पूरा होने पर पूरे वेतन मान के साथ रेगूलर हो जाएंगी। मंत्रीमंडल ने परखकाल समय तीन साल से घटा कर दो साल कर दिया है। अध्यापकों की वरिष्ठता परखकाल का समय मुकम्मल होने की तारीख़ से निश्चित की जायेगी।
इन अध्यापकों का मौजूदा समय में वेतन ७५०० रुपए प्रति महीना है और अब उनका वेतन वेतनमान का न्यूनतम जो १५,३०० रुपए प्रति महीना बनता है, के मुताबिक तय होगा जो पूरा स्केल मिलने तक मिलता रहेगा।
मंत्रीमंडल ने अध्यापकों के संघर्ष के मसले को प्रभावी ढंग से निपटाने और इसको सुखदायक ढंग से सुलझाने के लिए शिक्षा मंत्री ओ.पी. सोनी और सचिव कृष्ण कुमार की भूमिका की भी प्रशंसा की। यह जि़क्रयोग्य है कि मुख्यमंत्री ने २७ फरवरी, २०१९ को स्कूल शिक्षा विभाग के कामकाज का जायज़ा लेते हुए विभाग को मंत्रीमंडल की आगामी मीटिंग में व्यापक प्रस्ताव लाने के हुक्म दिए थे जिससे इस सम्बन्ध में सरकार अंतिम फ़ैसला ले सके। 

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