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विजीलैंस ब्यूरो द्वारा मंडी बोर्ड और गमाडा के पूर्व चीफ़ इंजीनियर की 26 करोड़ रुपए की 59 जायदादें ज़ब्त

विजीलैंस ब्यूरो द्वारा मंडी बोर्ड और गमाडा के पूर्व चीफ़ इंजीनियर की 26 करोड़ रुपए की 59 जायदादें ज़ब्त
चंडीगढ़, 10 सितम्बर:
    सरकारी अधिकारों का दुरुपयोग रोकने के लिए पंजाब विजीलैंस ब्यूरो द्वारा मोहाली की अदालत के आदेशों के उपरांत फ़ौजदारी कानून (संशोधन) अध्यादेेश 1944 की धारा 3 के अंतर्गत मंडी बोर्ड और गमाडा के पूर्व चीफ़ इंजीनियर की 26 करोड़ रुपए की कीमत वाली 59 जायदादें ज़ब्त की गई हैं।
        इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए ए.डी.जी.पी. कम चीफ़ डायरैक्टर विजीलैंस ब्यूरो श्री बी.के. उप्पल ने कहा कि ब्यूरो द्वारा की गई जांच के दौरान यह सामने आया है कि सुरिन्दर सिंह ने अपनी पत्नी मनजीत कौर और माता सवरनजीत कौर के नाम पर मैसर्ज एकसैस एग्रो सीड्स प्राइवेट लिम., मैसर्ज अवॉर्ड एग्रो सीड्स प्राइवेट लिम. और मैसर्ज अस्टर एग्रो ट्रेडजऱ् प्राइवेट लिम. नामी तीन फर्जी कंपनियाँ रजिस्टर की हुई थी और बैंक के द्वारा 4,19,44,37,161/- रुपए का लेन -देन किया।
        उन्होंने आगे जानकारी दी कि यह फजऱ्ी कंपनियाँ रिश्वत के पैसे को उपयोग करने के लिए बनाईं गई थी। सुरिन्दर सिंह ने गमाडा में अपने सेवाकाल के दौरान, इक ओंकार बिल्डर्स और कंस्टरकशन प्राइ. लिम. नामी फर्जी कंपनी बनाई जिसमें उसने अपनी पसंद के डायरेक्टर्स चुने और ग़ैर-कानूनी ढंग से टैंडर जारी करके 4,19,44,37,161 /- रुपए का घपला किया।
        विजीलैंस प्रमुख ने बताया कि सुरिन्दर सिंह ने इन कंपनियों में सेल डीडज़ का नकली कारोबार दिखाया जबकि वास्तव में ऐसा कोई कारोबार नहीं था। गमाडा और पंजाब मंडी बोर्ड में अपने सेवाकाल के दौरान दोषी ने उक्त बताईं तीन फर्जी कंपनियाँ बनाईं और गलत ढंग से कमाए 65,89,28,800 /- रुपए इन कंपनियों के खातों में जमा करवाए। उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद उसने बेईमानी से कमाए इस पैसों से लुधियाना, रोपड़, मोहाली और चंडीगढ़ में 26,41,33,612 /- रुपए की कीमत की विभिन्न स्थानों पर 59 जायदादें खरीदी।
        गौरतलब है कि सुरिन्दर सिंह ने कुलैकटर कीमतों पर सेल डीड्ज़ को रजिस्टर करवाया जबकि इन जायदादों की मार्केट कीमत इससे कहीं ज़्यादा है। सुरिन्दर सिंह और उसके साथी ने अपनी आय की अपेक्षा और ज्य़ादा जायदाद बनाकर यह जुर्म किया।
        श्री उप्पल ने बताया कि दोषी सुरिन्दर सिंह और उसके साथी के विरुद्ध थाना विजीलैंस ब्यूरो, एस.ए.एस. नगर में तारीख़ 7-11-2017 को आई.पी.सी. की धारा 120-बी के अंतर्गत एफ.आई.आर. नंबर 13 और तारीख़ 8-6-2017 को पी.सी. एक्ट की धारा 13(1) (ई), 13 (2) के अंतर्गत एफ.आई.आर. नंबर 6 के अनुसार पहले ही मुकदमे दर्ज हैं और इन सारी एफ.आई.आरज़ सम्बन्धी मुकदमा अदालत में चालान पहले ही पेश किये जा चुके हैं।
 

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