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पंजाब में धान की खरीद 1 अक्तूबर से शुरू, झंझट मुक्त खरीद सम्बन्धी सभी प्रबंध मुकम्मल-आशु

पंजाब में धान की खरीद 1 अक्तूबर से शुरू, झंझट मुक्त खरीद सम्बन्धी सभी प्रबंध मुकम्मल-आशु
राज्य सरकार किसानों का एक- एक दाना खरीदने के लिए वचनबद्ध
  चंडीगढ़, 30 सितम्बर:
पंजाब में धान की सरकारी खरीद 1 अक्तूबर से शुरू हो रही है जिसके लिए सभी प्रबंधक मुकम्मल कर लिए गए हैं। यह प्रगटावा करते हुए खाद्य और सिविल सप्लाई मंत्री श्री भारत भूषण आशु ने दोहराया की मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के किसानों का एक- एक दाना खरीदने के लिए वचनबद्ध है। 
यहां जारी बयान में श्री आशु ने कहा की धान बेचने आए किसानों को किसी किस्म की दिक्कत पेश न आए इसलिए हर तरह के प्रबंध यकीनी बना लिए गए हैं। उन्होंने बताया की खरीद प्रबंधों को सुचारू ढंग से चलाने के लिए राज्य भर में 1734 खरीद केंद्र स्थापित किये गए हैं और इन केन्द्रों की खरीद एजेंसियों को बांट कर दी गई है। उन्होंने कहा की बीते दिनों जारी की गई धान सम्बन्धी पॉलिसी के अधीन बहुत सी नयी पहलकदमियां की गई हैं जिनके अंतर्गत जी.पी.एस. मैपिंग का प्रयोग करते हुए मंडियों को मिलों के साथ जोड़ा गया है जिससे कोई अतिरिक्त भाड़ा न वसूल सके और गड़बडिय़ों को रोका जा सके। खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री ने कहा की अपेक्षित कैश क्रेडिट लिमिट ( सी. सी. एल.) का प्रबंध मंडी में धान की आमद से पहले कर लिया जायेगा। 
उन्होंने बताया की कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक खरीफ की फसल के सीजन के दौरान राज्य में 29. 20 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की फसल बीजी गई है और इस बार मंडियों में 1. 65 लाख मीट्रिक टन धान की आमद बतायी गई है। मंत्री ने बताया की कृषि विभाग से प्राप्त लक्ष्यों के विरुद्ध खाद्य और सिविल सप्लाई विभाग द्वारा 170 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद के लिए प्रबंध मुकम्मल कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया की धान की परेशानी मुक्त और निर्विघ्न खरीद के साथ-साथ तुरंत अदायगी यकीनी बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किये गए हैं। 
उन्होंने कहा की किसानों के हितों की रक्षा को यकीनी बनाने के लिए एक नया पोर्टल शुरू किया गया है जिसमें मिलरों की रजिस्ट्रेशन और उनको अलॉटमैंट की जाती है। इसके अलावा पैडी के रीलीज़ ऑर्डर और अदायगी सम्बन्धी आवेदन ऑनलाइन प्राप्त किए जाएंगे और रीलीज़ ऑर्डर भी ऑनलाइन ही जारी किये जाएँगे। इसके अलावा पी. डी. एस. चावल की रीसायक्लिंग को रोकने के लिए असैंसियल कमोडिटी एक्ट के अधीन सजा का भी प्रबंध किया गया है। 
उन्होंने कहा की मंडियों में शिकायत निवारण करने कमेटियों का गठन कर दिया गया है और साथ ही 24 घंटे बिजली की सप्लायी को भी यकीनी बनाया गया है। 
श्री आशु ने बताया की राज्य की सरकारी खरीद एजेंसियां पनग्रेेन, मार्कफैड्ड, पनसप और पंजाब स्टेट वेयरहाऊसिंग कोऑपरेशन और एफ. सी. आई., केंद्र सरकार द्वारा तय मापदण्डों के अनुसार न्युनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद करेंगी। उन्होंने बताया की केंद्र सरकार द्वारा ग्रेड- ए के धान के लिए 1835 रुपए और आम किस्मों के लिए 1815 रुपए प्रति क्विंटल न्युनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। 
गौरतलब है की धान के पिछले सीजन के दौरान 170.18 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था जिसमें से 169.10 लाख मीट्रिक टन सरकारी एजेंसियों द्वारा और 1.08 लाख मीट्रिक टन धान की फसल व्यापारियों और मिल्लरज़ द्वारा खरीदा गया था। 
पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लायी मंत्री श्री भारत भूषण आशु ने किसानों से अपील की है कि वह परेशानी से बचने के लिए मंडियों में धान की फसल सूखा कर लाएं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा फसल में नमी की मात्रा 17 फ़ीसदी तय की गई है। 
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