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प्रोजैक्टों और योजनाओं को तेज़ी से अमल में लाने के लिए मुख्यमंत्री का नेतृत्व अधीन गठित होगी उच्च ताकत वाली कमेटी

प्रोजैक्टों और योजनाओं को तेज़ी से अमल में लाने के लिए मुख्यमंत्री का नेतृत्व अधीन गठित होगी उच्च ताकत वाली कमेटी

चंडीगढ़, 9 जनवरी:

राज्य में विभिन्न प्रोजेक्टों और योजनाओं को लागू करने में देरी को रोकने और स्कीमों को तेज़ी से लागू करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा मंत्रियों की एक उच्च ताकत वाली कमेटी स्थापित करने का फ़ैसला किया गया है, जिसके पास इससे सम्बन्धित सभी ज़रूरी फ़ैसले लेने के अधिकार होंगे।

यह फ़ैसला गुरूवार को यहाँ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाले मंत्री मंडल द्वारा लिया गया।

मुख्यमंत्री इस कमेटी के चेयरमैन, स्थानीय निकाय मंत्री और वित्त मंत्री इसके मैंबर और सम्बन्धित विभाग के मंत्री इंचार्ज इसके सहयोगी मैंबर होंगे। मुख्यमंत्री का सुझाव जिन्होंने यह बताया कि प्रोजैक्ट लागू करने में सामने आने वाले ज़्यादातर मुद्दे अनुसूचित जाति से सम्बन्धित हैं, कैबिनेट ने सीनियर नेता मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को मैंबर के तौर पर शामिल करने की भी मंजूरी दी।

उच्च ताकत वाली कमेटी की मीटिंगों में सम्बन्धित विभागों के मुख्य सचिव और प्रशासकीय सचिवों के अलावा मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव और वित्त विभाग के प्रमुख सचिव शामिल होंगे।

पहले छह महीनों के लिए कमेटी हर हफ्ते कम- से -कम एक मीटिंग ज़रूर करेगी और सम्बन्धित प्रशासनिक विभाग अपनी योजनाओं और प्रोजैक्टों का एजेंडा मुख्यमंत्री को अपने इंचार्ज मंत्री के द्वारा पेश करेगा जो आगे इसको उच्च ताकत वाली कमेटी के समक्ष विचारने के लिए रखेगा।

उच्च ताकत वाली कमेटी का एजेंडा सभी सम्बन्धित विभागों को पहले से जारी कर दिया जायेगा और अंतिम फ़ैसला लेने से पहले उनको कमेटी की मीटिंग में अपने विचार पेश करने का मौका दिया जायेगा। एक बार उच्च ताकत वाली कमेटी द्वारा कोई फ़ैसला ले लेने के बाद सम्बन्धित प्रशासनिक विभाग को किसी भी अन्य मंजूरी के लिए वित्त विभाग, परसोनल या किसी अन्य विभाग को इस सम्बन्धी हवाला या प्रस्ताव भेजने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। उच्च ताकत वाली कमेटी के सभी फ़ैसलों की पालना को यकीनी बनाना सम्बन्धित प्रशासनिक विभागों को कहा जायेगा।

प्रशासकीय विभाग को प्रोजैक्टों, योजनाओं या निर्धारित कार्यों के मुकम्मल होने के लिए निश्चित समय-सीमा दी जायेगी और इसके उपरांत इसकी प्रगति रिपोर्ट उच्च ताकत वाली कमेटी को सौंपी जायेगी। उच्च ताकत वाली कमेटी की हरेक मीटिंग के एजंडे की विशेष बात यह है कि पिछली मीटिंगों में इस द्वारा लिए गए फ़ैसलों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और अगर कोई अड़चन हो तो इस बारे चर्चा की जायेगी। उच्च ताकत वाली कमेटी द्वारा लिए जाने वाले सभी फ़ैसले समय-समय पर उनकी जानकारी के लिए मंत्री परिषद् के समक्ष रखे जाएंगे।

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