मंत्रीमंडल द्वारा सार्वजनिक सेवाओं संबंधी बिल के मसौदे को हरी झंडी

मुख्यमंत्री कार्यालय, पंजाब
मंत्रीमंडल द्वारा सार्वजनिक सेवाओं संबंधी बिल के मसौदे को हरी झंडी
पंजाब प्रशासकी सुधार कमीशन को कार्य -बाद स्वीकृति
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रशासकी सुधारों पर सब -कमेटी का गठन
चंडीगड़, 13 मार्च-
      नागरिक सेवाओं में कुशलता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए पंजाब मंत्रालय ने आज ‘पंजाब ट्रांसपेरैंसी एंड अकाउूंटेबिलटी इन डलिवरी आफ पब्लिक सर्विसिज बिल -2018 ’ के मसोैदे को हरी झंडी दे दी। इस दौरान कैबिनेट ने प्रशासकी सुधारों संबंधी एक सब -कमेटी कायम करने का भी फ़ैसला किया है।
     मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता अधीन हुई कैबिनेट मीटिंग में लिए गए इस फ़ैसले संबंधीे जानकारी देते हुये सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह नया कानून पंजाब सेवा के अधिकार (आरटीएस) कानून, 2011 को रद्द करेगा। इसके साथ नागरिकों को समयबद्ध ढंग के साथ इलेक्ट्रानिक सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही यकीनी बनाई जा सकेगी।
      मौजूदा सेवा के अधिकार कानून, 2011 बीच की ख़ामियाँ और कमियों दूर करने के लिए प्रशासकी सुधारों और सार्वजनिक शिकायतों संबंधी विभाग द्वारा तैयार किये गए इस मसौदा बिल में सभी सार्वजनिक सेवाओं का तीन से पाँच वर्षो के अंदर पूरी तरह कम्प्युूटरीकरण करना और किसी सेवा के लिए विनती के लिए ऑनलाइन रसीद आवश्यक बनाना है। इसके अलावा नागरिकों को सेवाओं समयबद्ध ढंग से दी जाएंगी।
      इसमें सार्वजनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन और दंड की व्यवस्था की गई है और इस के अलावा आवेदक  मोबाइल या इन्टरनेट के द्वारा अपनी आवेदन के स्टेटस संबंधीे पता कर सकेंगे। इस कमीशन का सरल ढांचा अपीलों के निपटारे साथ-साथ तेज़ी से न्याय देने में सहायक होगा। 
      मंत्रीमंडल ने पंजाब राज्य प्रशासकी सुधार और सदाचार कमीशन के संविधान को कार्य -बाद स्वीकृति दे दी है जिसके साथ सरकार के सभी विभागों में पारदर्शिता, जवाबदेही और कुशलता लाई जा सकेगी। इस कमीशन को प्रशासन के विभिन्न क्षेत्रों में ढांचागत सुधारों के लिए अपनी सिफारशें देने का काम भी सौंपा गया है।
      प्रशासकी सुधारों पर सब -कमेटी संबंधीे विस्तार में जानकारी देते प्रवक्ता ने बताया कि सब -कमेटी को कमीशन की सिफारशों संबंधीे अंतिम फ़ैसला लेने का अधिकार होगा। यदि कमेटी चाहे तो व्यापक सलाह -परामर्श और अंतिम निर्णय लेने के लिए कोई भी मामला मंत्रीमंडल के पास पेश कर सकती है।
      इस सब -कमेटी का नेतृत्व मुख्यमंत्री करेंगे जबकि वित्त मंत्री, मंत्री इंचार्ज (प्रशासनिक सुधार विभाग) और सम्बन्धित विभाग के मंत्री इंचार्ज इसके मैंबर होंगे। इसी तरह मुख्य सचिव और कमीशन के चेयरमैन इस कमेटी के क्रमवार मैंबर सचिव और विशेष इनवायटी होंगे।
      प्रशासकी सुधारों संबंधीे विभाग इन सिफारशें को सम्बन्धित प्रशास्निक विभाग को भेजे कर टिप्पणी हासिल करेगा और यदि ज़रूरत हो तो सम्बन्धित प्रशास्निक विभाग कमीशन द्वारा सिफारशें को अमल में लाने सम्बन्धित कैबिनेट मैमोरंडम तैयार करेगा। यह सारी प्रक्रिया छह हफ़्तों के समय में पूरी की जायेगी।
      प्रशासकी सुधार और सार्वजनिक शिकायत संबंधीे विभाग द्वारा इन फ़ैसलों को लागू करने सम्बन्धित तिमाही रिपोर्ट मुख्य सचिव -कम -मैंबर सचिव के द्वारा कैबिनेट सब -कमेटी को भेजी जाएगी।
 

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